देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की कमान संभालने वाले लोको पायलट राजेश कुमार बोले- PM मोदी ने बढ़ाया हौसला, आंखें भर आईं

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की कमान संभालने वाले लोको पायलट राजेश कुमार बोले- PM मोदी ने बढ़ाया हौसला, आंखें भर आईं

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Rajesh Kumar, the loco pilot at the helm of the country's

सोनीपत। Rajesh Kumar, the loco pilot at the helm of the country's, जींद-गोहाना-सोनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की कमान लोको पायलट राजेश कुमार को सौंपी गई, जो पहले से ही इसी रूट पर पैसेंजर ट्रेन को चला रहे थे।

शुक्रवार को हाइड्रोजन ट्रेन लेकर सोनीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंचे लोको पायलट राजशे कुमार ने दैनिक जागरण को बताया कि उनके लिए आज का दिन खास है, क्योंकि जींद जंक्शन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की कमान सौंपते हुए उनकी पीठ थपथपाई तो उनकी आंखें भर आई। ट्रेन के संचालन को लेकर उन्होंने अपने अनुभवों को दैनिक जागरण के साथ साझा किया।

पिता की प्रेरणा से बने लोको पायलट

लोको पायलट राजेश कुमार ने बताया कि वैसे तो वे मूलत: उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले 65 वर्षों से उनका परिवार जींद में रह रहा है। उनके पिता भी रेलवे में थे, उनकी प्रेरणा से ही वे लोको पायलट बने। वे जींद-गोहाना-सोनीपत पर पहले से पैसेंजर ट्रेन चला रहे थे। इस रूट पर ट्रेन संचालन में वे सबसे अनुभवी व वरिष्ठ हैं, इस कारण रेलवे ने उन्हें देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए चुना गया। उनके साथ सह लोको पायलट गगनप्रीत भी मौजूद रहे।

15 दिन की दी गई विशेष ट्रेनिंग

विभाग की ओर से उन्हें व उनके सहयोगी को पहले चेन्नई में 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बताया गया कि हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन को लेकर किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखना है। ट्रेनिंग के बाद ट्रायल में भी वे ट्रेन का संचालन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन अधिक पावरफुल है और इसका पिकअप भी अधिक है। इसे चलाना सामान्य इंजन वाली ट्रेन से आसान है, इसलिए हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई।

पीएम मोदी ने बना दिया दिन, गौरवान्वित हुए

राजेश कुमार ने बताया कि पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए बधाई दी। जींद जंक्शन पर प्रधानमंत्री ने उनसे ट्रेन के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने जैसे ही मेरा हौसला बढ़ाया तो मेरी आंखें भर आई, क्योंकि मेरे जीवन में यह पहला ऐसा मौका था, जब देश के प्रधानमंत्री ने उनसे संवाद किया हो, इसलिए ट्रेन तो मैं रोज चलाता हूं, लेकिन आज मेरा दिन बन गया।

सेल्फी लेने वालों की लगी रही होड़

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जब सोनीपत स्टेशन पर पहुंची तो उसके साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ लग गई। हर कोई लोको पायलट व ट्रेन के साथ सेल्फी लेता नजर आया। सुरक्षा कारणों से तैनात आरपीएफ व जीआरपी के जवानों लोगों को दूर रहने के हिदायतें दे रहे थे और ट्रेन में चढ़ने से रोक रहे थे, लेकिन इसके बावजूद लोगों का उत्साह चरम पर था।